My Name on Mars

Monday, December 31, 2018

2019 की खगोलीय घटनायें Astronomy events in 2019


ग्रहण, पारगमन, उल्कापात, ब्लूमून व  सुपरमून जैसी खगोलीय घटनाओं से बीतेगा वर्ष 2019, नए वर्ष का खगोलीय घटनाओं का पञ्चाङ्ग 2019
नये वर्ष का आगाज खगोलीय गतिविधियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। पूरे साल जो खगोलीय घटनाएं घटित होने वाली है उनका जिक्र करते हुए सी वी रमन साइंस क्लब यमुनानगर के समन्वयक दर्शन लाल बवेजा ने बताया कि नए साल की शुरुआत में ही उल्कापात देखने का नजारा मिलेगा 3 और 4 जनवरी को आकाश में उल्कापात का नजारा देखने को मिलेगा। जिसमें लगभग 40 उल्कायें प्रति घंटा की दर से पृथ्वी की ओर बढ़ेंगी।  6 जनवरी को पहले नये चंद्र उदय उदय के साथ धूमिल आकाशगंगा व धूमिल तारा संकुल देखे जा सकते हैं। 5 जनवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण है जिसे है जिसे पूर्वी एशिया और उत्तरी प्रशांत महासागर में देखा जा सकेगा।
सबसे गजब नजारा 21 जनवरी को पूर्ण चंद्रग्रहण का होगा जिसे लगभग पूरी दुनिया में देखा जा सकेगा। 22 जनवरी को तो सबसे चमकदार ग्रह शुक्र और बृहस्पति का युग्मन यानी दोनों बहुत पास पास होंगे। यह भी अद्भुत नजारा होगा लेकिन इसे अल सुबह ही देखा जा सकेगा। उत्तरी भारत में धुंध कोहरा ना हो तो इस नजारे का आनंद अल सुबह के आकाश में लिया जा सकेगा।
19 फरवरी को पूर्णिमा पर सुपरमून का नजारा पेश आएगा। जिसमें चंद्रमा 30% अधिक चमकदार वह 14% सामान्य से बड़ा दिखेगा। 27 फरवरी को शाम के क्षैतिज आकाश में बुध ग्रह का बढ़ाव पेश आएगा। इस दिन बुध ग्रह सूर्यास्त के बाद अधिकतम ऊंचाई पर दृश्यमान होगा।  20 मार्च को विषुव (ईक्विनॉक्‍स्‌) होगा जिस दिन सैद्धांतिक रूप से दिन और रात 12-12 घंटे के यानी बराबर होंगे।  21 मार्च को फिर चंद्रमा सुपरमून रूप में नजर आएगा इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा। 22 मार्च को मेरीट्स उल्कापात का नजारा होगा जिसमें उल्कापात की तरह 20 उल्का प्रति घंटा होगी। 6 व 7 मई को फिर से उल्कापात का नजारा देखने को मिलेगा जिसमें उल्कापात की दर 60 उल्कायें प्रति घंटा सबसे अधिक होगी। 18 मई को पूर्णमासी के दिन फिर से सुपरमून का नजारा देखने को मिलेगा। यह एक अद्भुत नजारा होता है और 1 साल में तीन बार सुपरमून की स्थिति आए यह बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना होती है। 10 जून को हमारी यानी पृथ्वी की बृहस्पति से निकटता होगी। जिसका अद्भुत नजारा दूरदर्शी से लिया जा सकता है।
21 जून को अयनांत को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन में प्रवेश करेगा। यह सबसे लंबा दिन होता है और सूर्य इस दिन से उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे और राते लंबी होने का आगाज करता है। 2 जुलाई को सूर्य ग्रहण होगा परंतु यह है हम भारत मे नहीं देख पाएंगे। अर्जेंटीना और चिली में यह आंशिक रूप से कुछ समय के लिए देखा जा सकता है वो सूर्यास्त के समय से कुछ ही पहले बस। 9 जुलाई से शनि ग्रह पृथ्वी से निकटतम दूरी पर होगा और खगोलशास्त्री इसे व इसके छल्ले को छोटी परावर्तक दूरदर्शी से भी देख सकते हैं। 16 जुलाई को आंशिक चंद्रग्रहण होगा जो सारे यूरोप, अफ्रीका, मध्य एशिया व हिंद महासागर में देखा जा सकता है। 28 व 29 जुलाई को फिर से उल्कापात का नजारा 20 उल्का प्रति घंटा की दर से देखने को मिलेगा। उल्कापात अभी 12 और 13 अगस्त को भी होगा जिसकी दर 60 उल्का प्रति घंटा रहेगी। 9 सितंबर को नेपच्यून ग्रह पृथ्वी के साथ सीध में होगा। 23 सितंबर को विषुव (ईक्विनॉक्‍स्‌) के दिन फिर से दिन और रात बराबर हो जायेंगे जिनकी अवधि 12-12 घंटे रहेगी। 28 अक्टूबर को यूरेनस पृथ्वी के नजदीक होगा।
11 नवंबर को बुध ग्रह का संक्रमण होगा। बुध ग्रह सूर्य के समक्ष से गुजरेगा जो पृथ्वी से देखने पर सूर्य के मुखड़े पर काली बिंदी के रूप में गुजरता हुआ नजर आएगा।
यह बहुत अद्भुत नजारा होता है। नवंबर 24 से फिर दो चमकदार ग्रह शुक्र और बृहस्पति शाम के समय आकाश में चमकते हुए नजर आएंगे। साल 2019 के आखिरी महीने में 13 में 14 दिसंबर को वर्ष का सबसे बड़ा उल्कापात देखने को मिलेगा। जिसमें उल्कापात की दर 120 उल्का प्रति घंटा रहेंगी। इस उल्कापात में टकटकी लगाकर आकाश में देखते रहने से लगभग सभी को उल्कापात यानी टूटते तारे का नजारा देखने को मिल सकता है। इस प्रकार साल 2019 खगोल प्रेमियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण वर्ष रहने वाला है। खगोलशास्त्री इन सब घटनाओं के अवलोकन के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियां करने के लिए कमर कस चुके हैं। खगोलीय गतिविधियों के अंतर्गत आकाश दर्शन व खगोलीय घटनाओं का नजारा लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इनमें से बहुत सी ऐसी खगोलीय घटनाएं होती है जो मनुष्य के जीवन काल में केवल एक बार घटित होती है इसलिए हमें हमेशा खगोलीय गतिविधियों के अंतर्गत इस खगोलीय घटनाओं का आनंद लेना चाहिए। इससे मनुष्य अंधविश्वासों से दूर होता है और उसका ज्ञान वर्धन होता है।  सीवी रमन साइंस क्लब यमुनाननगर के सदस्यों ने इस वर्ष अधितर गतिविधियों को करवाने का इंतजाम किया है ताकि नगर के बच्चे इन खगोलीय घटनाओं का आनंद ले सके।
In news
Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Incharge Jamun Eco Club
Secretary C V Raman VIPNET science Club VP-HR 0006 (Platinum category Science club-2017)  Yamuna Nagar
Distt. Coordinator NCSC-DST, Haryana Vigyan Manch Rohtak, Science Blogger,
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments, Simple Science Experiments, TLM (Science) Developer
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