Sunday, October 28, 2018

विज्ञान का लोकप्रियकरण Popularization of Science


विज्ञान का लोकप्रियकरण Popularization of Science
पहला बैच 22-23 अक्टूबर
विज्ञान अध्यापकों के लिए दो दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम डाइट तेजली में
जिले के सभी छह ब्लॉक के कक्षा छह से दस तक पढ़ाने वाले राजकीय विद्यालयों के विज्ञान अध्यापकों के लिए प्रमोशन ऑफ साइंस नाम से एक विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन तेजली स्थित जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में जारी है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में  खंड  सढौरा,  सरस्वती नगर व बिलासपुर के 50 विज्ञान अध्यापकों को शामिल किया गया। दूसरे चक्र में  रादौर, जगाधरी  व छछरौली  ब्लॉक के 50 विज्ञान अध्यापक भाग लेंगे। 
डाईट के प्राचार्य श्री सुरेश कुमार
इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार जी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी विज्ञान अध्यापकों से आव्हान किया कि वह बच्चों  को विज्ञान विषय गतिविधि आधारित करके पढ़ायें और अपना पूरा प्रयास करें कि जिले में विज्ञान शिक्षा का समुचित प्रचार-प्रसार हो सके। अध्यापक विज्ञान शिक्षण को रुचिकर बनायें। संस्थान के अध्यापक प्रशिक्षण अधिकारी श्री अशोक राणा, श्री संजीव कुमार व प्रवक्ता श्री दुष्यंत चहल ने कार्यक्रम का संचालन किया। 
वरिष्ठ प्रवक्ता श्री सुरेंद्र अरोड़ा
संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ता श्री सुरेंद्र अरोड़ा ने व श्री तेज पाल वालिया ने अध्यापकों को विद्यार्थी आकलन परीक्षण (सैट) व डैशबोर्ड से संबंधित जानकारी दी। द्वारा विज्ञान अध्यापकों ने विज्ञान शिक्षण की बारीकियों को समझा।
बनाने में बहुत मददगार साबित होगा। 
दूसरा चरण 2nd Round
25- 26 अक्टूबर 2018
संस्थान के प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार ने बताया कि प्रमोशन ऑफ साइंस नाम से यह कार्यक्रम एससीईआरटी गुड़गांव व समग्र शिक्षा के तत्वाधान में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विज्ञान अध्यापकों ने विज्ञान शिक्षण की गतिविधि आधारित परियोजना आधारित शिक्षण विधियों को समझा। 
संचालन, श्री दुष्यंत 
कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार प्रशिक्षण विंग के अधिकारी अशोक राणा डॉक्टर संजीव कुमार श्री तरसेम कुमार व वरिष्ठ प्रवक्ता श्री सुरेंद्र अरोड़ा, प्रवक्ता दुष्यंत चहल, तेजपाल वालिया सहित मास्टर ट्रेनर दर्शन लाल बवेजा, निधि बंसल, स्वीटी सिंघाल व खेमलाल ने उपस्थित विज्ञान अध्यापकों को विज्ञान शिक्षण की इन नवाचारी तकनीकों से अवगत कराया।  अक्टूबर और नवंबर के पाठ्यक्रम को गतिविधि आधारित करके पढ़ाने संबंधित प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी नियमित अध्यापकों के साथ अतिथि अध्यापकों को भी शामिल किया गया आगामी कार्यक्रम दिसंबर व फरवरी महीने में कराए जाएंगे।
दूसरा बैच 25-26 अक्टूबर
जिले के एक सौ विज्ञान अध्यापकों को दिया प्रशिक्षण
जिला अध्यापक प्रशिक्षण संस्थान तेजली में दो बैच में जिले के सभी खंडों के कुल सौ विज्ञान अध्यापकों को विज्ञान शिक्षण की नवाचारी तकनीकों से रूबरू कराया गया।
मास्टर ट्रेनर्स
जिले के कुल 100 विज्ञान अध्यापक इस प्रशिक्षण को प्राप्त कर रहे हैं जो कि 2 चरणों मे चलेगा। प्रशिक्षु विज्ञान अध्यापकों को भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान की विभिन्न विज्ञान गतिविधियों को करना सिखाया गया व उन पर चर्चा की गई। प्रशिक्षुओं ने अपनी फीडबैक में लिखा कि इस तरह का कार्यक्रम उनके द्वारा करवाये गए विज्ञान शिक्षण को रुचिकर
दिन के समय की जा सकने वाली खगोलीय गतिविधियां
विज्ञान विषय विशेषज्ञ के तौर पर मास्टर ट्रेनर दर्शन लाल बवेजा, खेम लाल,  निधि बंसल व स्वीटी सिंघाल ने अध्यापकों को 
अक्टूबर व नवंबर में पढ़ाए जाने वाले
 
प्रतिभागी अभ्यास करते हुए
विज्ञान के पाठ सजीव व उनका परिवेश, गति एवं दूरियों का मापन, प्रकाश,  मृदा, जीवो में श्वशन, गति एवं समय, विद्युत धारा और इसके प्रभाव, वन हमारी जीवन रेखा, जंतुओं में जनन, किशोरावस्था की ओर, बल तथा दाब, तारे और सौर परिवार व वायु-जल प्रदूषण पाठ से संबंधित विज्ञान गतिविधियां करके दिखायी। व उपस्थित विज्ञान अध्यापकों के साथ उन पर चर्चा भी की गई।  कार्यक्रम के दौरान विज्ञान अध्यापकों के बीच में एक साइंस क्विज का भी आयोजन किया गया। जिसमें सभी 50 अध्यापकों को शामिल किया गया। पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा विज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का संचालन दर्शन बवेजा, निधी बंसल, स्वीटी ने किया। 
दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक ने सभी प्रतिभागियों को क्विज़ बनाने की बारीकियां समझाई।  
मीडिया में


दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुनानगर, हरियाणा