Friday, March 02, 2018

विपनेट विज्ञान क्लबों का बधाई समारोह Felicitation programme for VIPNET Science Clubs

विपनेट विज्ञान क्लबों का बधाई समारोह
Felicitation programme for VIPNET Science Clubs

उद्घाटन सत्र
'बेशक देर हुई पर पर नजारा दमदार रहा'
कहावत को चरितार्थ करते हुए आखिर डॉ0 अरविंद सी रानाडे जी ने अपनी पहचान 'प्रतिबद्धता मतलब प्रतिबद्धता, Commitment mean Commitment'
को सिद्ध करते हुए विपनेट विज्ञान क्लबों से किये अपने दूसरे वायदे को पूरा किया।
कार्यक्रम आरम्भ में विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक-ई डॉ0 अरविंद सी रानाडे ने विपनेट क्लबों का विस्तृत ब्यौरा, पुनर्गठन प्रक्रिया की शुरुवात से लेकर अभी तक की तमाम समीक्षा प्रस्तुत की।
तत्पश्चात देश भर से आये क्लब समन्वयकों/ प्रतिनिधियों ने अपना, अपने क्लब का व क्लब गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय दिया।
उद्घाटन संबोधन में विज्ञान प्रसार के डायरेक्टर
श्री चंद्रमोहन जी
श्री चंद्रमोहन ने अपने विज्ञान संचार संबंधित अनुभवों को आधार बनाते हुए प्रेरक तरीके से अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने देश भर में फैले हुए 2400 विपनेट विज्ञान क्लबों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपनेट विज्ञान क्लब समाज के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण उतपन्न करने की अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी योजनाबद्ध रूप से इस नेटवर्क को और प्रभावी बनाना होगा ताकि जन जन तक विज्ञान सुलभ हो सके। निदेशक महोदय ने विज्ञान प्रसार की विपनेट टीम को भी इस अवसर पर बधाई दी कि उन्होंने बहुत मेहनत से देशभर के विपनेट विज्ञान क्लबों को पुनः पंजीकृत करके उनका डाटाबेस तैयार किया और उनमे नवउर्जा का संचार किया।
पुराने मित्र 'कुछ विपनेटियन'
तत्पश्चात एन. सी. ई. आर. टी. के विज्ञान एवं गणित शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों ने सरल व प्रभावी शिक्षण-अधिगम तकनीकों पर अपने विचार व शोध नतीजों को उपस्थित क्लब समन्वयकों/प्रतिनिधियों के साथ साँझा किये। प्रतिभागियों को एन. सी. ई. आर. टी. प्रांगण स्थित सांइस पार्क, हर्बल पार्क व शैक्षणिक किट्स विभाग का भ्रमण कराया गया।
साइंस पार्क
एन. सी. ई. आर. टी. के विज्ञान विशेषज्ञों द्वारा इस विज्ञान पार्क में बहुत से कार्यशील विज्ञान मॉडल लगाए गए हैं। ये सभी जैसे आर्कमडीज पेंच, पेरिस्कोप, आघूर्ण, प्रतिध्वनि, दोलन, गति व त्वरण, अनुनाद, वृत्तीय गति, उत्तोलक आदि बहुत से नियमो/सिद्धांतों पर आधारित है व उनको समझने में सहायता करते हैं।
रत्ती/गुंजा के पौधे व बीज
हर्बल पार्क भी बहुत ज्ञानवर्धन करता है इसमें विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, शाकों, झाड़ियों, लताओं को उगाया गया है। जिनमे मुख्यतः कैम्फर तुलसी, लेमन ग्रास, रत्ती-गुंजा, चिकित्सीय पौधों व लुप्तप्राय नस्लों के पौधों ने सबको आकर्षित किया।
किट्स विभाग में विज्ञान, गणित समेत सभी विषयों की शैक्षणिक किट्स को देख कर सभी प्रतिभागी बहुत प्रभावित हुए। प्रतिभागियों को एन. सी. ई. आर. टी. के  विशेषज्ञ ने सालाना आयोजित जवाहर लाल नेहरू विज्ञान, पर्यावरण एवम गणित प्रदर्शनी का भी विस्तृत विवरण दिया। उन्होने विज्ञान प्रदर्शनियों के नवाचार प्रेरक व बच्चों में खोजी प्रवृति विकसित करने के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
डॉ  कपिल त्रिपाठी
प्रतिभागियों को अपने संबोधन में विज्ञान प्रसार से ही साइंटिस्ट-e मि. कपिल त्रिपाठी ने अपने लंबे अनुभवों, आदिवासी क्षेत्रों में अपने काम व शोध के आधार पर प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर कहा कि विज्ञान की जोत को जन जन तक ले जाने के लिए आपको अपने अथक प्रयास करने होंगे।
डॉ अरविंद सी रानाडे
डॉ अरविन्द सी रानाडे ने क्लब केटागरी चयन प्रक्रिया व क्लब गतिविधि की रिपोर्ट्स सबमिशन प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए इनमे आये बदलावों को बताया। बहुत पेचीदा प्रक्रिया, वेब पोर्टल पर रिपोर्ट्स दर्ज करवाने संबंधित जटिलताओं व वर्ष के मध्य में नियमो के संशोधनों से आगामी नतीजों में भयंकर उलटफेर से कुछ प्रतिभागियों को मायूस होते देखा गया। क्लबों द्वारा किये गए काम को नियमों के पेंच में उलझ कर पिछड़ते देख कर अधिकारियों द्वारा सहानुभूति स्वरूप मौके पर कुछ ढ़ील तो दे दी गयी परन्तु जो 'चला गया वो तो गया', उसको वापिस न पा सकने का दुख हुआ। नियम ऐसे बने कि संशोधनों की गुंजाइश ही न हो अगर पड़े भी तो जो बड़े नुकसान में जा रहा हो उसे स्पेशल बेनिफिट दिया जाए परन्तु एक कहावत भी है सारे बाराती कभी राज़ी नही हो सकते।
क्लबों द्वारा किये गए काम को राष्ट्रीय पहचान देने व उनको एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विज्ञान प्रसार द्वारा इस बधाई समारोह की शुरुआत से ही सभी उत्साहित नजर आए। उनमे नवउर्जा का संचार हुआ।
श्रीमति किंकिनि दासगुप्ता मिश्रा
प्रतिभागियों से विज्ञान प्रसार वेबपोर्टल में क्लब गतिविधि
रिपोर्टिंग प्रकिया को आसान व प्रभावी बनाने सम्बन्धित सुझाव मांगे गए।
बहुत से प्रभावी सुझाव आये जिन्हें आईटी सेल प्रमुख
 व साइंटिस्ट-एफ श्रीमति किंकिनि दासगुप्ता मिश्रा ने सहर्ष स्वीकारते हुए इन्हें जल्द लागू करने का आश्वासन दिया।
एक नई पहल करते हुए राज्यवार निष्क्रिय क्लबों
 को सक्रिय करने के लिए उपस्थित प्रतिभागियों में
से ही कुछ को क्लस्टर कोर्डिनेटर नियुक्त किया गया
 व उक्त वर्णित जिम्मेदारी दी गयी।
रिपोर्ट्स जमा करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने व इनबॉक्स सुविधा देने का भी आश्वासन दिया गया।
दोपहर भोजन पश्चात चले सत्र में क्लब प्रतिनिधियों को अपने क्लब कार्यों, भविष्य की योजनाओं, उपेक्षाओं को कहने के लिए समय
श्री दर्शन लाल बावेजा
दिया गया। सर्वप्रथम सी वी रमन विपनेट प्लेटिनम-2017 विज्ञान क्लब HR-0006 यमुनानगर हरियाणा (सम्बद्धता 2003) के क्लब समन्वयक दर्शन लाल बवेजा ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया।
उन्होंने Science Activities नामक क्लब के ब्लॉग द्वारा क्लब गतिविधियों के वैश्वीक प्रचार की सार्थकता को उचित सिद्ध किया।  उन्होंने ब्लॉग केे द्वारा क्लब  गतिविधियों के डॉक्युमेंटेशन के महत्त्व बारे बताया। क्लब गतिविधियों को सोशल मीडिया, ब्लॉग लेखन व माइक्रो ब्लॉगिंग के जरिये देश विदेश तक प्रचारित करने से क्लब को राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई है। उन्होंने बाकी सब से भी क्लब गतिविधियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए अखबारो, पत्र-पत्रिकाओं व अंतर्जाल का भरपूर प्रयोग करने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि क्लब गतिविधियों के ब्लॉग व सोशल मीडिया पोस्ट्स को संज्ञान में लेते हुए क्लब को जिला स्तरीय विज्ञान अध्यापक प्रशिक्षण, जिला स्तरीय मेलों, महोत्सवों व विभिन्न जिला स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिताओं के आयोजन में जिला प्रशासन व जिला विज्ञान विशेषज्ञ का रिसोर्स पर्सन के रूप में सहयोग करने के अवसर प्रदान किया गया। विभिन्न राज्यों के विज्ञान संचारकों के साथ भी काम करने का अवसर भी उनके क्लब की सोशल मीडिया पहचान ने ही दिया। संचार के हर आधुनिक तरीकों को इस्तेमाल करके ही हम विपनेट क्लब अपनी वैश्विक पहचान स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने आगामी राज्य स्तरीय सेमिनार व 11 सदस्यीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम की क्लब योजना प्रस्तुत की।
श्री हर्षद जोशी
तत्पश्चात भावनगर के प्लेटिनम विपनेट क्लब कल्याण रीजनल कम्युनिटी साइंस सेंटर के समन्वयक मि. हर्षद जोशी ने अपनी विभिन्न गति विधियों को ppt के जरिये सबके समक्ष रखा। बहुत प्रभावी तरीके से उन्होंने बड़ी बड़ी मांग करके आयोजको को हैरत में डाल दिया, आयोजको ने उनको आशवासन देकर संतुष्ट किया।
श्री राजेश मिश्रा
गोंडा यूपी के प्लेटिनम विपनेट रे आफ साइंस क्लब के समन्वयक मि. राजेश मिश्रा ने ppt के जरिये अपनी गत वर्षों की क्लब गतिविधियों को फोटोज के रूप में रखा। उन्होंने मोबाइल लायब्रेरी व लैब ऑन बाइक कांसेप्ट को रखा। आगामी सेमिनार व टूर कार्यक्रमो को बाद में बताने के लिए कहा।
डॉ0 चंद्रमौली जोशी
गुजरात से ही डॉ0 चंद्रमौली जोशी जो रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन विपनेट क्लब गोल्ड केटागरी सम्बद्ध आल इंडिया रामानुजम मैथेमेटिक्स क्लब संस्था राजकोट के प्रभारी भी हैं उन्होंने विज्ञान व गणित संचार के लिए प्रतिभागियों के समक्ष बड़ी बड़ी ऑफर रखी। उन्होंने देश-विदेश में फैले अपने विशाल नेटवर्क का भी जिक्र किया। विभिन्न पुस्तकों के प्रकाशन, किट्स डिजायनर व टीचर ट्रेनिंग कार्यक्रमो का लंबा अनुभव आयोजको व प्रतिभागियों के समक्ष रखा। इसके बाद गोल्ड, सिल्वर व ब्रॉन्ज केटागरी के प्रतिभागियों को भी उनकी बात कहने का अवसर दिया गया।
3 प्लेटिनम क्लब
अंतिम सत्र में प्रतिभागियों को केटागरी अनुसार पुरस्कार व बधाई/सम्मान/ प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
इतने भारी भारी पुरस्कार लेकर सभी प्रतिभागी गौरवान्वित अनुभव कर रहे थे।
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन में विपिन सिंह रावत, पवन भाटी, बबिता, राज जी द्वारा की  मेहनत, उनके कुशल कार्यक्रम निर्देशन में झलक रही थी।
समूह चित्र यादगार चित्र

कार्यक्रम के अंत मे समूह फोटो के बाद सभी निरन्तर व प्रभावी विज्ञान संचार के वायदे के साथ अपने अपने गंतव्यों को रवाना हुए।
एक प्रतिभागी की कलम से........
क्लब ब्लाग के लिए रिपोर्ट, द्वारा: दर्शन लाल बवेजा (VP-HR006)

Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman VIPNET science Club VP-HR 0006 (Platinum category Science club-2017)  Yamuna Nagar
Distt. Coordinator NCSC-DST, Haryana Vigyan Manch Rohtak, Science Blogger,
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments, Simple Science Experiments, TLM (Science) Developer
Web Links
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2 comments:

  1. गजब की रिपोर्ट दर्शन भाई....
    गागर में सागर भर दिया।
    गए नही पर जाने जैसा अनुभव करवा दिया।

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  2. Wow!!!
    Congratulations

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