Tuesday, March 21, 2017

पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग Circumference of Earth Experiments

विज्ञान क्लब सदस्यों ने किया पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग
विषुव वर्ष का वह समय होता है, जब सूर्य विषुवत रेखा पर दोपहर के समय ऊर्ध्वाधर होता है। इस समय दोनों गोलार्द्धों में समान प्रकाश एवं ऊर्जा प्राप्त होती है। पृथ्वी पर दिन तथा रात की अवधि भी समान हो जाती है। यह स्थिति वर्ष में दो बार आती है। 20-21 मार्च तथा 23 सितम्बर इसकी दो प्रमुख तिथियाँ हैं। इस दिन सूर्य इस दिन एकदम पूर्व से उदय होकर एकदम पश्चिम में छिपता भी हैे यह दिन खगोल की भाषा में इक्विनॉक्स कहलाता है।
स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल हुडा सेक्टर 17 जगाधरी में सी वी रमन विज्ञान क्लब व कल्पना चावला विज्ञान क्लब यमुना नगर के सदस्यों व ने सयुंक्त रूप से क्लब प्रभारी दर्शन लाल, गौरव वलिया व विकास पुंडीर  विज्ञान अध्यापकों के नेतृत्व में विषुव (इक्विनॉक्स) के अवसर पर पृथ्वी की परिधि नापने के प्रयोग किया व सम्बंधित गणनाएं की। सूर्य की धूप में छड़ी ( नोमोन) की परछायी को नाप कर गणितीय गणनाओं से पृथ्वी की परिधि ज्ञात की जाती है। क्लब प्रभारी दर्शन लाल ने बताया की 20 मार्च के दिन इक्विनॉक्स यानी विषुव होता है इस दिन सैद्धान्तिक रूप से दिन व रात बराबर होते हैं और आज के बाद दिन लम्बे और रात छोटी होनी शुरू हैं। पृथ्वी की परिधि ज्ञात करने में एक साथ बहुत से देशों के बच्चे भाग लेते हैं। वह एक नेटवर्क के जरिये अपने अपने स्कूल में प्रयोग करते हैं जिनकी सम्मिलित गणना से परिणाम निकाले जाते हैं।
अगला प्रयोग 23 सितम्बर को किया जाएगा।
आज के प्रयोग में एकता, कावेरी, अलीशा, मिताली, याशिका, तुषार, अमित, नमन, भविष, ओजस्वी, अमित भारद्वाज ने भाग लिया।
In newspaper's
 




Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman Science Club Yamunanagar
Distt. Coordinator NCSC, Haryana Vigyan Manch Rohtak
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments And Hobby Development
09416377166
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Tuesday, February 28, 2017

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस आयोजन N S D -17

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस आयोजन N S D -17
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही होगा समाज का उत्थान
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर हुआ विचार गोष्ठी का आयोजन

जगाधरी के राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आज विज्ञान सेमीनार के दौरान जिले भर से आये साइंस मास्टरों ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया। इस अवसर पर भारत के महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन के जीवन पर प्रकाश डाला गया और उनकी खोज रमन प्रभाव पर चर्चा की गयी। विज्ञान अध्यापक दर्शन लाल बवेजा ने  राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास बारे स्पष्ट लिखा है।
भारतीय
संविधान के भाग - 4क के अनुच्छेद - 51 क (ज) के अनुसार
" भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण , मानववाद और ज्ञानर्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें "
लेकिन क्या हम इस कर्तव्य की पूर्ति कर रहे है?
 बवेजा ने कहा कि विज्ञान अध्यापक होने के नाते हमारा कर्तव्य और भी अधिक हो जाता है कि हम बच्चों और उनके अभिभावकों को अंध्विश्वासों और हानिकारक रूढ़िवादी गतिविधियों से बचाये और उनमे वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करें साथ ही समाज को सही दिशा प्रदान करें। आज विज्ञान अध्यापकों को अंतर्जाल पर ब्लॉगिंग व ब्लॉग बनाने  बारे में भी प्रशिक्षण दिया ताकि वह सभी अपने अपने विज्ञान ब्लॉग बना कर विज्ञान संचार के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें। साइंस मास्टरों को विभिन्न विज्ञान ब्लॉग्स की विजिट करवाई गयी और उनको कुछ मशहूर विज्ञान ब्लाग्स के वेबलिंक नोट कराये गये।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस अवसर पर कश्मीरी लाल सैनी, मुकेश आर्य, तरुण कुमार, खेम लाल सैनी, दीपक शर्मा, पवन कुमार ने भी संबोधित किया।  सभी उपस्थित साइंस मास्टरों ने चर्चा में सक्रियता से भाग लेकर अपने विचारों प्रकट किए। साइंस मास्टरों ने जिले में  विज्ञान संचार हेतु किये जा सकने वाले प्रयासों को और समृद्ध करने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
इस अवसर और सुधीष पाल, निरंजन सिंह, राकेश मोहान, अनिल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र सिंह, आस्था श्रीवास्तव, मंजू शर्मा, स्वीटी, राकेश कुमार, इंद्रजीत सिंह, सुमन लता, संजीत, किरनजीत कौर व विजय कुमार सहित 48 साइंस मास्टर मौजूद रहे।
अखबार मे
Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman Science Club Yamunanagar
Distt. Coordinator NCSC, Haryana Vigyan Manch Rohtak
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments And Hobby Development
09416377166
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