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Sunday, June 08, 2014

लैंगिक, बाल अधिकार व सामाजिक संवेदीकरण पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला Regional Training of Trainers Programme–for School Teachers

लैंगिक, बाल अधिकार व सामाजिक संवेदीकरण पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

चंडीगढ़ मे आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला मे भाग लेते विभिन्न राज्यों के अध्यापक
लैंगिक समानता, बाल अधिकार और सामाजिक संवेदीकरण पर पांच दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सामाजकल्याण विभाग चंडीगढ़ प्रशासन, राज्य महिला संसाधन केन्द्र के सयुंक्त तत्वाधान मे दो से छह जून तक सीनियर सिटीजन होम सेक्टर 43 मे आयोजित किया गया जिसमे हरियाणा के पांच जिलो से दो-दो अध्यापकों का चयन इस ट्रेनिग के लिए किया गया था। यमुनानगर जिले से भी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आनंद चौधरी और सहायक परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान डाक्टर धर्मवीर सिंह ने  दो विज्ञान अध्यापकों दर्शन लाल बवेजा और खेम लाल सैनी का चयन इस कार्यशाला मे जिले की तरफ से भाग लेने के लिए किया था। क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला समापन के बाद दोनों अध्यापकों ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला मे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़ के अध्यापक, शिक्षा अधिकारियों और  स्थानीय बाल कल्याण अधिकारियों को विभिन्न विश्वविद्यालयों,  मेडिकल कालेज, आइपीएस प्रशिक्षण केन्द्र और विधि कालेज व अन्य अनेक संस्थानों से आमंत्रित रिसोर्स पर्सन्स ने व्याख्यान, रोल प्ले व प्रयोगात्मक समूह चर्चा के माध्यम से प्रशिक्षित किया।

प्रतिभागी 
चंडीगढ़ समाज कल्याण विभाग के निदेशक श्री राजेश जोगपाल के मार्गदर्शन व राज्य संयोजक प्रभजोत कोर अटवाल के कुशल निर्देशन मे पांच दिनों तक प्रशिक्षणार्थियों को भारतीय समाज में लैंगिक व जातिगत विभाजनकारी कारकों, लैंगिक विषयों की समझ के कारकों, जीवन कौशल की अवधारणा, महिलायें और नशे का प्रयोग, भारत मे किशोरवस्था की चिंतनीय जरूरते और वास्तविकता, शिक्षण सहभागी क्रियाओं व थियेटर का योगदान, बच्चों मे मादक व नशीली दवाओं के प्रयोग, लैंगिक जागरूकता संचार मे अभिभावकों व अध्यापकों का योगदान, बच्चों और शिक्षाविदों के लिए साइबर दुनिया एक बड़ा खतरा, एचाईवी-एड्स संचरण व रोकथाम, परीक्षण परामर्श और गोपनीयता सेवायें, महिलाओं बच्चों व दलित वर्गों के प्रति अपराधों हेतु सवैंधानिक प्रावधान, बाल केंद्रित क़ानून, महिला केंद्रित क़ानून, बच्चों का अवैध व्यापार, किराए की कोख, बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया, अंतर्जाल के माध्यम से गुमशुदा बच्चे की तलाश करने की विधि और भावनात्मक बुद्धिमत्ता आदि जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए गए और प्रशिक्षणार्थियों के टेस्ट भी लिये गये।

मुख्य वक्ताओं के रूप मे डाक्टर रवनीत चावला, डीआर नेगी, डाक्टर विनीता भार्गव, प्रोफेसर अभिनंदन बस्सी, प्रोफेसर संजय वाडवाल्कर, बिस्मान आहूजा, संजीव गुलाटी, डाक्टर विनीता गुप्ता, जितेन्द्र दहिया, गुरचरन सिंह, तेज मैग्जीन, डाक्टर गौरव गौड़, जुल्फिकार खान, प्रोफेसर(डाक्टर) बी एस चवन, नील रोबर्ट, कर्नल रवि बेदी, प्रोफेसर मानविंदर कौर, डाक्टर रौनकी राम आदि विशेषज्ञ संसाधन पर्सन्स ने भाग लिया। 
मुख्य बिंदु 
* प्रशिक्षण की प्लानिंग और संसाधन व्यक्तियों की योग्यता प्रशंसनीय थी 
* आयोजको के बीच समन्वय सराहनीय रहा 
* साइबर क्राइम पर श्री गुरुचरन सिंह व कानूनी जानकारियों पर शुश्री अभिनन्दन बस्सी और चाइल्ड ट्रेफिकिंग, सेरोगेसी व बच्चा गोद लेना विषयों पर डा० विनीता भार्गव का व्याख्यान अत्याधिक रुचिकर व ज्ञानवर्धक रहा 
* आयोजन स्थल, भोजन व स्वागत उम्दा था 
* आयोजको का व्यवहार सहयोगी था 
*खास बात प्रतिभागियों के चयन के अध्यापकों के साथ साथ अन्य सम्बंधित कर्मचारियों को भी शामिल करना दूरदर्शिता पूर्ण प्रयास था
*समूह चर्चा विधि और विश्व पर्यावरण दिवस पर चिंतन प्रसंसनीय प्रयास थे 
* आयोजन स्थल पर रेजिडेंट सीनियर सिटीजन से बातचीत व अनुभवो का श्रवण अच्छा लगा 
* प्रशिक्षण किट व डाक्यूमेंटेशन सीडी बहुत अच्छी है 
* प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त प्रमाणपत्र व अर्जित ज्ञान प्रतिभागियों के लिए  सदैव अमूल्य रहेंगे
* भविष्य मे विभाग यदि सभी प्रशिक्षणार्थियों को नए परिवर्तनों और नव जानकारियों से यदि अद्यतन(अपडेट) करे तो वह  सराहनीय प्रयास होगा 

एक प्रतिभागी कि कलम से 
दर्शन लाल बवेजा 
विज्ञान अध्यापक 
यमुनानगर