गुब्बारा क्यूँ नहीं फटा why balloon not to burst?
आज के प्रयोग मे यह दिखाया गया कि उष्मा का अवशोषण पानी के द्वारा कर लिए जाने से गुब्बारा नहीं फटता.
इया प्रयोग के लिए हम दो गुब्बारे balloon लेते है एक गुब्बारे को फूला कर मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो के उपर ले जाते हैं तो गुबारा ठा कर के फट जाता है.
ऐसा इसलिए होता है जब गुब्बारे की सतह का ज्वलनशील मेटेरियल उष्मा के सम्पर्क मे आता है तो ज्वलन बिंदु आने पर गुब्बारे का मेटेरियल जलने लगता है और अंदर हवा होने के कारण वो फट जाता है और तेजी से हवा बाहर रिलीज़ होती है जिस कारण मोमबत्ती या लैम्प भी बुझ जाता है.
दुसरा गुब्बारा लो उस मे पानी भर लो और फिर उस को फुलाओ. फूलने पर हम देखते हैं कि गुब्बारे के तल पर पानी दिखाई देता है अब हम गुब्बारे को फूला कर मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो के उपर ले जाते हैं तो गुब्बारा नहीं फटा,ऐसा क्यूँ नहीं हुआ?
मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो द्वारा उत्पन्न उष्मा Heat पानी द्वारा अवशोषित कर ली जाती है जिस कारण गुब्बारे की सतह का ज्वलनशील मेटेरियल अपने ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता है इस कारण नहीं फटता है
है ना मजेदार कम लागत मे विज्ञान प्रयोग
क्या कहना है जी
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उत्सुकतापूर्वक देखते अब क्या होने वाला है ? |
इया प्रयोग के लिए हम दो गुब्बारे balloon लेते है एक गुब्बारे को फूला कर मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो के उपर ले जाते हैं तो गुबारा ठा कर के फट जाता है.
ऐसा इसलिए होता है जब गुब्बारे की सतह का ज्वलनशील मेटेरियल उष्मा के सम्पर्क मे आता है तो ज्वलन बिंदु आने पर गुब्बारे का मेटेरियल जलने लगता है और अंदर हवा होने के कारण वो फट जाता है और तेजी से हवा बाहर रिलीज़ होती है जिस कारण मोमबत्ती या लैम्प भी बुझ जाता है.
दुसरा गुब्बारा लो उस मे पानी भर लो और फिर उस को फुलाओ. फूलने पर हम देखते हैं कि गुब्बारे के तल पर पानी दिखाई देता है अब हम गुब्बारे को फूला कर मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो के उपर ले जाते हैं तो गुब्बारा नहीं फटा,ऐसा क्यूँ नहीं हुआ?
मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लो द्वारा उत्पन्न उष्मा Heat पानी द्वारा अवशोषित कर ली जाती है जिस कारण गुब्बारे की सतह का ज्वलनशील मेटेरियल अपने ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता है इस कारण नहीं फटता है
है ना मजेदार कम लागत मे विज्ञान प्रयोग
क्या कहना है जी
- प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
- द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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रोचक जानकारी, आभार।
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क्यों डराती है पुलिस ?
घर जाने को सूर्पनखा जी, माँग रहा हूँ भिक्षा।
क्या गुब्बारा इसलिये नहीं फटता कि मोमबत्ती या स्प्रिट लैम्प की लौ के द्वारा उत्पन्न उष्मा Heat पानी द्वारा अवशोषित कर ली जाती है जिसके कारण गुब्बारे की सतह का ज्वलनशील मेटेरियल अपने ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता है या फिर इस कारण उष्मा हवा तक नहीं पहुंच पाती जिसके कारण वह फैलती नहीं और गुब्बारा नहीं फटता या फिर दोनो कारण।
ReplyDeleteइसकी तुलना उस तथ्य से भी करें कि पुराने पेन जिनमें स्याही भरी जाती थी वे ज्यादा लीक करते थे जब उनमें स्याही कम हो जाती थी हांलाकि उस समय स्याही कम होने से लगता है कि स्याही को कम निकलना चाहिये। यह इस लिये होता था कि हवा हांथ से ग्रमी लेकर ज्यादा फैलती थी।
बहुत खुब जी हम ने तो कल बिना देखे ही जबाब दे दिया था.:)
ReplyDeleteGreat job for publishing such a beneficial web site. Your web log isn’t only useful but it is additionally really creative too. palloncini
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