Tuesday, August 16, 2011

पृथ्वी की परिधि Circumference of the Earth


पृथ्वी की परिधि Circumference of the Earth

पृथ्वी की परिधि 40075 किलोमीटर है जो कि 24901 मील (24,901.55 miles 40,075.16 kilometers).
के बराबर होती है अगर आप इक्वेटर के उपर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जमीन  समुन्दरों को लांघते हुए  बिना रुके 24 घंटे चलते रहो तो पृथ्वी पूरा चक्कर  करने मे लगभग 17 दिन लगेंगे.
आप खुद भी पृथ्वी की परिधि ज्ञात कर सकते हो
इसके लिए आप को एक सूत्र प्रयोग करना होगा
पृथ्वी की परिधि = 2 x पाई x पृथ्वी की त्रिज्या

पाई का मान 22/7=3.1415 लगभग लेते है
जबकि पृथ्वी की त्रिज्या = 6371.1 किलोमीटर है
सूत्र मे मान डालने पर
पृथ्वी की परिधि = 2 x 3.1415 x 6371.1 = 40,075 किलोमीटर  
 पाई का मान दशमलव के बाद जितने अधिक अंकों तक लेंगे उतना ही अधिक शुद्ध परिधि प्राप्त होगी.
आपको जान कर हैरानी होगी यदि हम उत्तरी ध्रुव से दक्षणी ध्रुव के बीच पृथ्वी की परिधि ज्ञात करें तो वो और भी अलग होगी क्यूंकि पृथ्वी पूरी गोल नहीं है.ध्रुवों पर पृथ्वी की परिधि थोड़ी सी कम है.
ध्रुव से ध्रुव पृथ्वी की परिधि पृथ्वी की परिधि = 40008 किलोमीटर है.
इक्वेटर और ध्रुवों की तरफ से पृथ्वी की परिधि मे 67 किलोमीटर का अंतर है
यदि हम तुलना की दृष्टी से देखें तो चंद्रमा की परिधि 10,921 किलोमीटर है. 
 बृहस्पति की परिधि 500000 किलोमीटर है.  
आओ कुछ और गणनाओं को जाने :
पृथ्वी की परिधि किलोमीटर मे =
40,075 km
पृथ्वी की परिधि  मीटर मे =40,075,000 meters
पृथ्वी की परिधि सेंटीमीटर मे = 4,007,500,000 centimeters
पृथ्वी की परिधि मील मे = 24,901 miles
पृथ्वी की परिधि फीट मे = 131,477,280 feet
पृथ्वी की परिधि इंच मे = 1,577,727,360 inches
हम पृथ्वी की परिधि की गणना खुद भी कर सकते हैं
प्राचीन ग्रीकवासी अपने विकसित किये गए तरीके से पृथ्वी की परिधि निकाला करते थे उनकी विधि बहुत ही साधारण थी . अगर हमारी पृथ्वी समतल है तो हमारी धूप मे बनने वाली परछाई सब जगह एकसमान होगी (जैसा कि निम्न चित्र की बाईं तस्वीर मे दिखाया गया है) परन्तु ऐसा नहीं है हमारी पृथ्वी समतल नहीं गोल है इस कारण हमारी परछाई दो अलग अलग स्थानों पर अलग अलग लम्बाई की होगी. (जैसा कि निम्न चित्र की दाईं तस्वीर मे दिखाया गया है) आप भी दो दोस्त अगर दो अलग अलग स्थानों पर रहते हों तो आप दोनों मिल कर ग्रीकवासीयों की विधि से पृथ्वी की परिधि ज्ञात कर सकते हो.
    
इरैटोस्थनिज़ Eratosthenes
पृथ्वी की परिधि ज्ञात करने की इरैटोस्थनिज़ गणना
Eratosthenes' measurement of the Earth's circumference
इरैटोस्थनिज़ Eratosthenes एक ग्रीक गणितज्ञ, शोक कवि,एथेलीट,भूगोलवेत्ता,खगोलशास्त्री और संगीतकार भी थे उन्होंने एक गणना विधि का आविष्कार किया. इनका काल 276 BC - 194 BC था.इन्होने ही सर्वप्रथम जियोग्राफी शब्द का प्रयोग किया. सर्वप्रथम प्राचीन यूनानी विद्वान इरैटोस्थनिज़ ने भूगोल को धरातल के एक विशिष्टविज्ञान के रुप में मान्यता दी.

कैसे किया इरैटोस्थनिज़ ने अपना प्रयोग ...
इरैटोस्थनिज़ ने पृथ्वी की परिधि नापने के लिए मिस्र के आस्वान क्षेत्र में साइने नामक स्थान को अपना प्रयोगस्थल बनाया
माना मैं साइने Syene मे रहता हूँ और मैं यह भी जानता हूँ कि ग्रीष्म अयनांत summer solstice 21 जून के दिन इस शहर मे सूर्य सीधा मेरे सिर पर रहता है और ठीक इसी वक्त मेरा एक अन्य दोस्त जो की यहाँ से 800 किलोमीटर दूर अलक्जेंडरिया मे रहता है वह वहां किसी खम्बे की ऊँचाई और उस की न्यूनतम परछाई की लम्बाई से सूर्य के उन्नयन कोण का मान 7°12' (the angle of elevation of the sun was 7°12') पाता है.
गणना करने पर,
अलक्जेंडरिया से Syene के बीच की दूरी =7°12'/360°
(क्यूंकि पृथ्वी गोलाकार है इसलिए 360° से प्राप्त उन्नयन कोण को भाग दिया)
                                                           =1/50
अर्थार्त अलक्जेंडरिया से Syene के बीच की दूरी पृथ्वी की कुल परिधि की 1/50 है.
और यह ज्ञात था कि अलक्जेंडरिया से Syene के बीच की दूरी 800 किलोमीटर है.
हल करने पर,
पृथ्वी की कुल परिधि = 800 x 50/1 = 40,000 किलोमीटर    
इरैटोस्थनिज़ की पृथ्वी की परिधि की गणना मे कुछ त्रुटि रह गयी थी परन्तु उस जमाने मे यह ज्यादा महत्वपूर्ण था कि पृथ्वी की परिधि और पृथ्वी की त्रिज्या ज्ञात की जा सकी.
क्लब सदस्यों के द्वारा यमुनानगर मे पृथ्वी की परिधि ज्ञात करने का प्रयोग २१ जून २०११ को किया गया जल्द ही उस प्रयोग की पोस्ट लगाई जायेगी.


  • प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
  • द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
    विज्ञानं संचार में अपना योगदान दें इस ब्लॉग के फालोअर बन कर    

4 comments:

  1. बहुत बढ़िया जानकारी। वैसे ये पृथ्वी की त्रिज्या किस महामानव ने नापी होगी, इत्ता बड़ा फीता कहाँ से लाया?

    ReplyDelete
  2. ओह,क्या खूब दिलचस्प!

    ReplyDelete

टिप्पणी करें बेबाक