Wednesday, May 18, 2011

बच्चे भी कमाल के जिज्ञासु होते हैं Amazing curious students

बच्चे भी कमाल के जिज्ञासु होते हैं | Amazing curious students.
बच्चे भी बस बच्चे ही होते है बस कहीं से उठा लाये पत्ते पर चिपकी हुई एक थैली . जो कि ऐसे फडफडाती थी जैसे उस थैली के अंदर कोई कैद हो.ये क्या है? यह क्या है?
चिल्लाते हुवे मेरे पास आये;
शायद इस विद्यालय मे मेरा 5-6 वर्षों के ठहराव का और विज्ञान  कल्ब गतिविधियों का यही  वो दूरगामी परिणाम है जिस के मद्देनजर विज्ञान प्रसार ने देश भर मे विपनेट क्लबों के गठन का कार्य शुरू किया था. आज स्कूल का हर एक बच्चा यह जानता है कि अपनी जिज्ञासा  को कहाँ पर ले कर जाना है अब बच्चे पहले की तरह झेंपते शर्माते नही है बस फट जिज्ञासा को उचित प्लेटफार्म पर ला खड़ा करते है ग्रामीण क्षेत्र  के झेपिलें शर्मीले बच्चे यदि इस प्रकार अपनी छोटी मोटी खोजे जारी रखें तो सरकार द्वारा विज्ञान प्रसार के लिए खर्चा गया एक एक पैसा सार्थक हो गया लगता है |
असल  मे बच्चे जो पत्ते पर चिपकी हुई थैली नुमा संरचना ले कर आये थे वह किसी कीट इंसेक्ट का प्यूपा अवस्था था 
बच्चों को 
अंडा >लार्वा >प्यूपा >पूर्ण कीट 
अवस्थाओं के बारे मे समझाने के बाद एक प्रस्ताव रखा गया कि क्या वो देखना चाहते है कि इस मे से क्या निकलेगा तो वो सहर्ष तैयार हो गए 
एक बीकर लाया गया,बीकर मे वो प्यूपा डाल कर,एक कागज मे हवा के लिए सुराख कर के बाँध कर रख दिया गया.
अगले ही दिन देखते है कि कोई परिवर्तन नहीं हुआ 
फिर अगले दिन देखते है कि बीकर मे एक हरी सुंदर सी तितली है बच्चे खुश हो जाते हैं और थोड़ा प्रयास करने के बाद वो तितली उड़ कर पौधों पर बैठ जाती है; 
प्यूपा जो लाया गया
प्रयोग के लिए तैयार बीकर
निकल गयी तितली तीसरे दिन















उड़ गयी तितली

प्यूपा की खाली झिल्ली


खुश है सब अपनी नयी खोज पर









बच्चे भी खुश  और उनके मास्टर जी भी खुश और आप ?
देखें यह हमारा उस तितली का उड़ने के प्रयासों का चलचित्र 
    
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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