Tuesday, March 01, 2011

ताम्बे का सोना चाँदी बनवा लो Gold Magishian

ताम्बे का सोना चाँदी बनवा लो Gold Magishian
विज्ञान नाटिका शृंखला-२
मीना का कारनामा
Meena's  Science World
(नेपथ्य से उठती आवाज ...और फिर एक आदमी का मंच पर अवतरित होना)
गहने साफ़ करवा लो …नए से बनवा लो …..चांदी सोने के गहने धुलवा लो |
चमकवा लो नए बना कर दूंगा …………५ रुपयों में ……
औरत-१ : भईया मेरे गहने साफ़ कर दो इन्हें चमका कर नए जैसे बना दो |
ठग : ला बहन इन्हें तो मै दो मिनट में चमका देता हूँ | 
औरत-२ : क्या कर रहे हो तुम सब यहाँ ? (कौतूहलवश पूछती एक अन्य स्त्री)
औरत-१ : बहन मै अपने सोने चांदी के गहने चमकवा रही हूँ ५ रुपयों में |
औरत-१ : वाह भईया ! मेरे पास ताम्बे के सिक्के है पुराने समय के, उन को भी चमका दोगे ?
ठग :   अरे मै तेरे ताम्बे के सिक्के को सोने चाँदी के बना दूंगा, मेरे पास चमत्कारी जल है |
दोनों औरत : हैरत से, क्या ? सच में (मुंह खुला का खुला रह जाता है)
मै अभी लाई ,यह कह कर वह औरत अपने ताम्बे के सिक्के लेने घर चली गयी |
(इतने में उसने, औरत-१ को उस के गहने चमका कर दे दिए)
और कहा,
ठग : इन्हें अब तीन दिन तक पानी में डूबों कर रखना है फिर ये जिंदगी में कभी गंदे नहीं होने के |
औरत-२ : लो भईया, ये लो ताम्बे के सिक्के बना दो इन्हें सोने के
(उस ठग ने अपने बक्से से एक चमत्कारी द्रव निकाला, अपने छोटे से स्टोव को जला कर द्रव को गर्म किया और उस में ताम्बे के सिक्के डाल दिए ५-६ मिनट बाद वो चाँदी के बन गए,
अब उसने चिमटी से पकड़ कर उन सिक्को को थोड़ा सा गर्म किया वो सब गर्म हो कर सोने के बनते चले गए)
औरत-१,औरत-२ : वाह जी वाह, आपकी जय हो ….जय हो …
ठग : बहन इनकी गर्मी निकालने के लिए इनको तीन दिन तक पानी में डुबो कर रखना है फिर इनका जो करना है वो कर लेना |
औरत-२ : (ठग से बहुत प्रभावित) आप मेरे भी सोने चाँदी के गहने चमका दो |
ठग :  लाओ, एक बड़ा सा लाल कपड़ा भी लेती आना |
औरत-२ : जी अभी लाई |
ठग ने औरत-२ के गहने एक दम बढ़िया चमका दिए,और ठग ने औरत-२ से पूछा क्या वो अपने गहने हीरे पन्ने के बनवाना चाहती है|
औरत-२ : हाँ जी हाँ, मुझे हीरे पन्ने बहुत पसंद हैं |
(ठग ने लाल कपड़ा मांगा और उस में अपनी पोटली से नकली गहने लपेट कर दे दिए और घर के पूजा स्थल में रख कर आने को कहा)
ठग : औरत-२ से इनको पूर्णीमा के दिन खोल कर देखना इनमे चाँद तारे जैसे रत्न जड़ चुकंगे |
औरत-२ : ठीक है जी,मै रख आयी लाल कपडे में लिपटे सारे गहने |
ठग : अच्छा अब मै चलता हूँ तीन दिन बाद आ कर  बहन तेरे घर भोजन करूँगा यह कह कर ठग वहां से चम्पत हो गया |
(तभी मीना आती है उस को सारी बात पता चलती है कि कोई सोने चांदी के आभूषण चमका गया   है गावं में और ताम्बे  के सिक्कों को चांदी और सोने की अशर्फियाँ में बदल गया है | मीना को हैरानी होती है,वैज्ञानिक सोच और तार्किक होने के कारण उस को पता था कि चमत्कार कभी नहीं हो सकते चमत्कारों के होने धोखा दिया जा सकता है)
(स्कूल जा कर मीना ने अपने विज्ञान अध्यापक को सारी बात बतायी)
मीना(अध्यापक से) : ऐसा कैसे हुआ,गहने कैसे चमक गए सर ?
विज्ञान अध्यापक : सोने-चाँदी के गहनों को किसी अम्ल-राज (Aqua regia)  में डाल देने से अम्ल-राज  सोने के साथ क्रिया कर के सोने को अपने अंदर घोल लेता है जिस को बाद में अन्य रासायनिक क्रियाएँ करवा कर वापस प्राप्त कर लिया जाता है |
मीना : और ताम्बे के सिक्के चाँदी और  सोने में कैसे बदल जाते है ?
विज्ञान अध्यापक : हाँ यह प्रयोग बहुत ज्ञानवर्धक है और तुम्हारे पाठ्यक्रम में भी है कक्षा के सब बच्चों को बुला लो,अब ये प्रयोग मै तुम्हे कर के दिखता हूँ |
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(बीकर में 250 ml पानी ले कर उस में 15-15 ग्राम सोडियम हाइड्रोक्साइडNaOH और जस्ते (जिंक) घोल कर गर्म कर लेते है फिर उस गर्म घोल में ताम्बे का सिक्का डाल देते हैं थोड़ी ही देर में जस्तीकरण की क्रिया शुरू हो जाती है और ताम्बे के सिक्के पर जस्त की पतली परत चढ़ जाती है जिस देखने  पर वह सिक्का चांदी जैसा लगने लगता है वास्तव में वह होता है जस्तीकृत कापर का सिक्का) coins gold_1 (3)_cmp 
मीना : अब इस  जस्तीकृत सिक्के को सोने का कैसे बनाते है ?
विज्ञान अध्यापक : वो भी बना देते हैं पहले आप बताओ कि पीतल मिश्रधातु किस किस धातु से मिल कर बनी होती है
मीना : ताम्बे और ज़स्ते को पिंघला कर मिलाने से |
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विज्ञान अध्यापक : सही कहा,इस सिक्के को देखों इस के नीचे तम्बा और उपर जिंक है अब मै इस सिक्के को गर्म करता हूँ उपर की परत पर पीतल बन जाएगा और जिसे वह ठग सोने का बता कर चला गया |





मीना : सच में ! यह तो सोने का ही सिक्का लगता है | परन्तु उस ने तीन दिन तक पानी में रखने को क्यों कहा ?
विज्ञान अध्यापक : ताकि ठगी का भेद  तीन दिन बाद खुले और कोई उसे ढूंड ना सके |
मीना : क्या लाल पोटली वाले गहनों पर हीरे पन्ने जड़ेंगे ?
विज्ञान अध्यापक : नहीं,उस लाल पोटली में तो वो गहने भी नहीं होंगे जो उस औरत-२ ने दिए होंगे,उस पोटली में ठग के द्वारा बदल दिए गए नकली गहने होंगे |
मीना : अरे ! ये तो लुट गई बेचारी भोली ओरतें |
विज्ञान अध्यापक : तभी तो कहा है लालच बुरी बला और अज्ञानता अति बुरी बला
इस पूरे प्रयोग की वैज्ञानिक डिटेल यहाँ पर पढ़े |       
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

8 comments:

  1. जय विज्ञान

    आपने बहुत ज्ञानवर्धक श्रंखला शुरू की है. नाटिका के माध्यम से पोस्ट में रोचकता आ गयी है. बच्चों के साथ ही बड़ों को भी जानने और समझने का अवसर मिल रहा है.
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    जब भी इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो पढ़े-लिखे लोग यह तो जानते हैं कि इसमें चमत्कार नहीं है बल्कि सब विज्ञान के खेल हैं लेकिन वो यह नहीं जानते कि ऐसा किया कैसे गया.
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    आशा है यह श्रंखला अभी काफी आगे बढ़ेगी.
    आभार
    शुभ कामनाएं

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  2. बहुत सुंदर जानकारी,लोग जान कर भी बार बार इन ठगो के हाथो फ़ंसते हे.धन्यवाद
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें.

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  3. स्कूल के दिनों की याद ताज़ा की आपने।

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  4. बहुत ही सुन्दर और रोचक लगी | आपकी हर पोस्ट
    आप मेरे ब्लॉग पे भी आये |
    मैं अपने ब्लॉग का लिंक दे रहा हु
    http://vangaydinesh.blogspot.com/

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  5. बहुत ही सुन्दर और रोचक लगी | आपकी हर पोस्ट
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  6. बहुत सुन्दर और ज्ञान वर्धक पोस्ट ! धन्यवाद !

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