Friday, September 10, 2010

लोहे को जंग लगाना Rusting of iron

लोहे को जंग लगाना Rusting of iron 
प्रयोग शुरू करने से पहले मै एक बात साझी  करना चाहूँगा |
कुछ वर्ष पूर्व मै कक्षा दस के बोर्ड परीक्षा के विज्ञान की उत्तरपुस्तिका जाँच रहा था उस मे एक प्रश्न  जिस का उत्तर पढ़  कर मैं  डर गया और तब से मै प्रत्येक वर्ष यह वाला प्रयोग जरूर करवाता हूँ और सभी कक्षा के बच्चों को चाहे उन के पाठ्यक्रम मे है या नहीं दिखा देता हूँ  तो क्या था प्रश्न और क्या उत्तर दिया एक बालक ने देखे 
प्रश्न :- जंग किसे कहते है इस के क्या कारण है और इसे रोकने के क्या उपाय है ? 
उत्तर  :- जंग :-  दो देशो के बीच युद्ध को जंग कहते है 
            जंग के कारण  :- जंग के निम्न कारण हो सकते है 
                                     1. सीमा का विवाद 
                                     2. धार्मिक विचारों का टकराव 
                                     3.  प्रभुत्व ज़माने की वजह रणनिति
       जंग को रोकने के उपाय :-
                                    1.गुटनिरपेक्ष देशो  का हस्तक्षेप
                                    2.मध्यस्थता किसी अन्य देश द्वारा 
                                    3.संधि कर ले 
जनाब इस जवाब को पढ़ कर मै एक बात एक दम समझ गया की इस बालक के स्कूल मे विज्ञान अध्यापक का पद रिक्त है और सामाजिक विज्ञान के आधार पर बालक ने जवाब दे दिया ,बालक की लिखाई और कांफीडेंस कबीले तारीफ़ था |
तब से मै प्रत्येक वर्ष यह वाला प्रयोग जरूर करवाता हूँ और सभी कक्षा के बच्चों को चाहे उन के पाठ्यक्रम मे है या नहीं दिखा देता हूँ |
लोहे को जंग लगाना Rusting of iron :- 
पहले  ये जाने की जंग क्या होता है ?
नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति मे आक्सीकरण की अभिक्रिया  के फलस्वरूप लोहे की वस्तुओं की उपरी सतह पर एक लाल भूरे रंग की परत जम जाती है यह लाल भूरे रंग की परत फेरिक  आक्साईड(Fe2O3) की होती है  (Rusting of metals is a special case of metal oxidation. Iron will oxidize to form rust. Water will cause metals to rust; this reaction can be accelerated by adding salts. In the corrosion process, metals get oxidized.The final product of iron oxidation (rust) is usually a ferric oxide hematite Fe2O3
जंग लगने की क्रिया को दिखाने के लिए  एक बहुत ही कामन प्रयोग लगाया जाता है 
हमारे विद्यार्थियों ने भी हर वर्ष की भाति ये प्रयोग दिखाया और क्लब सदस्यों ने इस प्रयोग को अपने परियोजना कार्य के तौर पर लिया
मौसम का धातुओं पर प्रभाव को जानना 
इस प्रयोग को आसान तरीके से समझा जा सकता है 
सिद्ध करना की जंग लगने के लिए ऑक्सीजन (या वायु )और नमी (जल )की आवश्यकता होती है |
तीन परखनलियां ली 
पहली  परखनली  मे पानी लिया उस मे लोहे की  दो कीले डाल दी बस वो डूबे  नहीं  |
दूसरी परखनली मे उबला हुआ पानी लिया (उबलने से पानी मे घुलनशील ऑक्सीजन निकल जाएगी)
उबले पानी वाली परखनली मे लोहे की दो कीले डाल दी और पानी के ऊपर 8-10 बूंदे सरसों के तेल या अन्य कोई तेल की डाल दो यह तेल पानी के ऊपर रहेगा और परखनली  की वायु को किलों के सम्पर्क मे नहीं आने देगा 
तीसरी परखनली मे कैल्शियम क्लोराइड के टुकड़े डाल दो और ऊपर दो कीले डाल दो 
तीनों परखनालियों को रबर स्टॉपर से बंद कर दो वायु रुद्ध कर दो 

3 से 5 दिनों बाद  देखने पर हमे  पहली  परखनली   जिसमे की पानी मे आधी डूबी कीले है उस मे जंग लगा पाया  क्यूंकि इस मे  कीलों  को नमी और वायु (आक्सीजन) दोनों मिली 
दूसरी परखनली  मे जंग नहीं लगा क्यूंकि दूसरी परखनली मे कीले उबले पानी मे डाली गई परन्तु तेल की परत ने कीलों को वायु के सम्पर्क मे ना आने दिया 
तीसरी  परखनली मे कैल्शियम क्लोराइड डाला था उस मे दो कीले डाली थी कैल्शियम क्लोराइड नमी को  सोख लेगा  और इस लिए जंग नहीं लगा 

अर्थार्त लोहे पर जंग लगने के लिए ऑक्सीजन(या वायु)और नमी (जल)की आवश्यकता होती है

प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
 

18 comments:

  1. बताने का तरीका बहुत भाया!

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  2. सार्थक और उपयोगी जानकारी ...

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  3. सरल शब्दों में विज्ञान की बात अच्छी लगी.

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  4. बहोत ही अच्छी लगी आपकी यह पोस्ट. आभार एवं शुभकामनाएँ

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  5. प्रयोग से ज्‍यादा रोचक प्रश्‍न और उत्‍तर. परीक्षार्थी का जवाब काबिले-तारीफ है. खूब रही.

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  6. वैसे जंग केवल लोहे पर नही अधिकांश धातुओं पर लगती है .जैसे तांबे पर हारे रंग की जंग लगती है :)

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  7. बहुत अच्छी जानकारी बवेजा जी, धन्यवाद

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  8. बढ़िया जानकारी

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  9. .
    very informative and useful post.
    thanks and regards,
    .

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  10. सबसे पहले मैन आपकी आभारी हूं कि आपने मेरे ब्लाग का अनुसरण करके मेरे इरादे मज़बूत किये है

    आपका ब्लाग मुझे काफी पसन्द इसलिये आया कि आप वह काम कर रहे है जिसकी आज सर्वाधिक जरूरत है, मै जब 12 मे थी तो मुझे एक ऐसी प्रयोगशाला की कमी महसूस होती थी जिसमे जब तक मन करे तब तक प्रैक्टिकल किये जा सकें, अत: मेरा एक सपना इसके निर्माण का भी है जिसमे कोई भी छात्र कभी भी प्रयोग करने आ सके

    जो मौक मुझे नही मिला उसे लोगो को देना चाह्ती हूं, देखिये परमात्मा कब कामयाबी देता है

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  11. जब लोहे में जंग लगता है
    तो लोहे का वजन ?
    A. बढ़ता है
    B. घटता है
    C. बराबर रहता है...

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